Shikhar Samvad

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गढ़वा में बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को दी सीख…

गढ़वा: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर गढ़वा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने फरठिया स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। राज्यपाल ने विभिन्न संकायों से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का किया उद्घाटन

विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर गढ़वा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पारंपरिक तरीके से राज्यपाल का स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें कार्यक्रम स्थल ऑडिटोरियम तक ले जाया गया, जहां उन्होंने दीप प्रज्वलित कर विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह का उद्घाटन किया।

विद्यार्थियों को डिग्री और मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान

दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। वहीं, दो छात्रों को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल होकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्रदान करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करने का भी महत्वपूर्ण पड़ाव है। राज्यपाल ने सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

डिजिटल युग में नई चीजें सीखते रहें विद्यार्थी

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि दीक्षांत समारोह का अर्थ केवल डिग्री हासिल करना नहीं है। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को विद्यार्थी अपने जीवन में किस तरह लागू करते हैं, यह भी महत्वपूर्ण है। शिक्षा की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि देश तेजी से डिजिटल युग की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने, तकनीक को समझने और नए अवसरों की तलाश के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह संस्थान के लिए विशेष महत्व रखता है।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे जीवन में जहां भी जाएं, अपने विश्वविद्यालय और समाज का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में विश्वविद्यालयों से निकलने वाले युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने और समाज के विकास में योगदान देने का संदेश दिया।

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