नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मंगलवार को बड़ी सौगात मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किया। मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां स्थित मौजूदा बारापुला एलिवेटेड रोड से जोड़ने वाले इस कॉरिडोर के शुरू होने से पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और मार्ग पर सिग्नल-फ्री सफर की सुविधा मिलेगी।
करीब 9 किलोमीटर के संयुक्त बारापुला कॉरिडोर से मयूर विहार, नोएडा और आसपास के इलाकों से AIIMS तथा दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रैफिक की स्थिति के आधार पर पूर्वी दिल्ली से AIIMS तक का सफर करीब 35-40 मिनट से घटकर लगभग 15 मिनट तक हो सकता है।
लंबे समय से अटकी थी परियोजना
बारापुला फेज-3 परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और 2015 में काम शुरू हुआ था। इसे मूल रूप से 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन परियोजना में लगातार देरी हुई। अब करीब एक दशक बाद इसका उद्घाटन किया गया है।
सीएम रेखा गुप्ता ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कॉरिडोर दिल्ली के नागरिकों के दैनिक सफर को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्वी और दक्षिण दिल्ली के बीच यातायात कनेक्टिविटी मजबूत होने से लोगों को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री ने परियोजना में हुई देरी को लेकर पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, नई सरकार के कार्यकाल में लंबे समय से अटकी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
प्रवेश वर्मा ने भी पिछली सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार बनने के बाद उन्होंने बारापुला परियोजना का निरीक्षण किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान परियोजना पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण इसमें देरी हुई और लागत बढ़ी।
वर्मा ने कहा कि सरकार ने परियोजना को पूरा करने की समयसीमा तय की और अधिकारियों के साथ मिलकर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया।
पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
बारापुला फेज-3 के चालू होने से मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक सीधी एलिवेटेड कनेक्टिविटी उपलब्ध हो गई है। इसके बाद मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जुड़कर पूर्वी दिल्ली से AIIMS और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाला मार्ग अधिक सुगम होगा। परियोजना में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी सुविधाएं शामिल की गई हैं।