पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बेहतर समन्वय से बिहार में कानून का राज और मजबूत होगा।

मुख्य बिंदु
अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
हर महीने दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित होगा, जहां प्रखंड स्तर के फैसलों से असंतुष्ट लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी।
नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
सरकार थानों को डिजिटल उपकरण, सीसीटीवी और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से सुसज्जित कर रही है।
फॉरेंसिक लैब और मोबाइल फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
112 इमरजेंसी सेवा का रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट से घटाकर 7-8 मिनट करने का लक्ष्य तय किया गया है।

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूल-कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीडी ट्रायल और समयबद्ध न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।
बोधगया में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन में नए आपराधिक कानूनों के एकीकृत क्रियान्वयन और न्याय प्रणाली में समन्वय को लेकर मंथन किया गया।