रांची: राजधानी रांची के चर्चित राज हॉस्पिटल पर इलाज में कथित लापरवाही और मरीज के परिजनों से 22 लाख रुपये वसूलने के बावजूद जान नहीं बचा पाने का गंभीर आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और अब इस पर सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया है

पीड़ित परिवार का आरोप है कि मरीज को केवल पैर में फ्रैक्चर की समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान उसे आईसीयू में रखा गया और लगातार भारी-भरकम बिल बनाया जाता रहा। परिजनों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद मरीज की जान नहीं बच सकी, जिससे अस्पताल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रांची के उपायुक्त को टैग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग की है।यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की पारदर्शिता, मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस का विषय बन गया है।