रांची: झारखंड में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के तहत किसानों से धान खरीद की प्रक्रिया 15 दिसंबर से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 40 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ प्रति क्विंटल 109 रुपये अतिरिक्त बोनस देने की तैयारी है। धान बेचने के लिए किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर निबंधन कराने के साथ ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
ई-उपार्जन पोर्टल पर निबंधन अनिवार्य
धान बेचने के इच्छुक किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर अपनी जमीन का निबंधन कराना होगा। इसके बाद जमीन का सत्यापन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले किसानों से धान की खरीद नहीं की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और वास्तविक किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाना है। धान की खरीद पैक्स और अन्य निर्धारित क्रय केंद्रों के माध्यम से की जाएगी।
प्रति एकड़ 16 क्विंटल, अधिकतम 200 क्विंटल की सीमा
धान खरीद के लिए इस वर्ष जमीन के रकबे और उपज की मात्रा के आधार पर सीमा तय की गई है। निर्धारित नियमों के अनुसार, किसान प्रति एकड़ अधिकतम 16 क्विंटल धान बेच सकेंगे। वहीं, एक किसान से अधिकतम 200 क्विंटल धान की खरीद का प्रावधान है। इस व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक किसानों को सरकारी खरीद का लाभ देना और बिचौलियों की भूमिका सीमित करना है।
MSP के साथ प्रति क्विंटल 109 रुपये बोनस
राज्य सरकार किसानों को धान का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अतिरिक्त प्रति क्विंटल 109 रुपये बोनस देने की तैयारी कर रही है। इससे किसानों को उनकी उपज के बदले MSP के ऊपर अतिरिक्त राशि मिल सकेगी।
हालांकि, धान खरीद के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। जिन किसानों का धान तय मानकों पर खरा नहीं उतरेगा, उन्हें खरीद केंद्रों पर परेशानी हो सकती है।
17 प्रतिशत से अधिक नमी वाला धान नहीं खरीदा जाएगा
सरकारी नियमों के मुताबिक, 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की खरीद नहीं की जाएगी। ऐसे में किसानों को क्रय केंद्र पर धान लाने से पहले उसकी नमी और गुणवत्ता का ध्यान रखना होगा।
किसानों को सलाह दी जाती है कि धान को अच्छी तरह सुखाकर और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही क्रय केंद्रों तक पहुंचाएं, ताकि खरीद के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
VLTS से होगी वाहनों की ऑनलाइन निगरानी
धान खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खाद्यान्न परिवहन करने वाले वाहनों को व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम (VLTS) से लैस करने का निर्णय लिया गया है। इसके माध्यम से क्रय केंद्रों से गोदाम तक धान ले जाने वाले वाहनों की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी।
राज्य में 40 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। अब किसानों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते अपना निबंधन, जमीन का सत्यापन और ई-केवाईसी पूरा कर लें।