रांची: झारखंड की राजधानी रांची के जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली के क्रिकेटर शिखर मोहन ने अपनी प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रणजी ट्रॉफी में लगातार शतक जड़ने वाले बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज और स्पिन ऑलराउंडर शिखर मोहन का चयन इंडिया-ए क्रिकेट टीम में हुआ है। वह 24 अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक न्यूजीलैंड दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम
शिखर मोहन ने घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों में लगातार शतक जड़कर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। अब उन्हें न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ टेस्ट सीरीज में इंडिया-ए टीम की ओर से खेलने का मौका मिला है। यह उपलब्धि उनके क्रिकेट करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
जेवीएम श्यामली की खेल संस्कृति ने तराशा हुनर
शिखर मोहन की इस सफलता में जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली की खेल संस्कृति, अनुशासित प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाओं की अहम भूमिका रही है। स्कूल के मैदान पर शुरुआती अभ्यास से लेकर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन तक, उनके सफर ने युवा खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा पेश की है।
प्राचार्य ने जताई खुशी
शिखर मोहन के इंडिया-ए टीम में चयन पर विद्यालय के प्राचार्य बी.एन. झा ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि विद्यालय की खेल संस्कृति और अनुशासित प्रशिक्षण विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं। शिखर की उपलब्धि स्कूल के लिए गर्व का विषय है।
वहीं, विद्यालय के वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक डॉ. मोती प्रसाद ने भी शिखर के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिखर के अंदर रन बनाने और विकेट लेने की जबरदस्त क्षमता है। उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
भारतीय क्रिकेट में आगे बढ़ने का मौका
इंडिया-ए टीम में चयन शिखर मोहन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन उनके भविष्य के क्रिकेट करियर के लिहाज से अहम होगा। रांची के इस युवा क्रिकेटर की उपलब्धि से विद्यालय और झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है।