Shikhar Samvad

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नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही पैंतीस से अधिक घर और छह पुल बहे दस लोग लापता…

काठमांडू: नेपाल के गोरखा जिले में रविवार तड़के अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। बूढ़ी गंडक नदी में मलबे के साथ आए तेज सैलाब में 35 से अधिक घर और छह पुल बह गए हैं। वहीं, 10 लोगों के लापता होने की खबर है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना समेत सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया है।

सुबह चार बजे अचानक आया सैलाब

अधिकारियों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब चार बजे गोरखा जिले के उत्तरी हिस्से में अचानक बाढ़ आ गई। नदी और आसपास की धाराओं से तेज आवाजें सुनकर चुमलिंग और लोकपा समेत आसपास की बस्तियों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। उस समय इलाके में ठहरे पर्यटकों को भी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी का बहाव कभी धीमा हो रहा था, तो कभी अचानक तेज हो जा रहा था। इससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई परिवार जरूरी सामान छोड़े बिना घरों से बाहर निकल गए।

छह पुल बह गए, कई बस्तियों में नुकसान

बाढ़ के तेज बहाव में दो मोटर योग्य पुल और चार सस्पेंशन यानी झूला पुल बह गए। अरुघाट, त्रिपुरासुंदरी और सोती-मानबु क्षेत्र के पुलों के साथ धारचे ग्रामीण पालिका का एक बेली ब्रिज भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है। कई छोटे पैदल पुल भी बह गए हैं।

चुमनुव्री ग्रामीण नगरपालिका-3 के वार्ड अध्यक्ष राम कुमार गुरुंग के मुताबिक, बूढ़ी गंडक नदी के उफान से सालेरी, पैयुका और जगत के नदी किनारे स्थित इलाकों में कई मकान बह गए। इसके अलावा स्थानीय बस्तियों को जोड़ने वाले पुलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

भूस्खलन से नदी का रास्ता बाधित होने की आशंका

गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार, शुरुआती रिपोर्ट में सिउरिबास के ऊपर भूस्खलन होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, स्थानीय लोगों को आशंका है कि चुमनुव्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच स्यर नदी का मार्ग अवरुद्ध होने से अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई।

हालांकि, बाढ़ के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि 10 लोगों के लापता होने की खबर है।

नेपाली सेना और सुरक्षा एजेंसियां राहत कार्य में जुटीं

आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री ने नेपाली सेना को राहत और बचाव कार्यों में लगाने के निर्देश दिए हैं। सेना के दलों को हवाई और सड़क मार्ग से प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। काठमांडू से एक संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया दल को भी एयरलिफ्ट किया गया है।

नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी अभियान में जुटी हैं।

नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील

प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। राहत एवं बचाव दल लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने में जुटे हैं।

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