पटना: बिहार की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि मार्च 2027 तक सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेज के 200 शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की ट्रेनिंग देने की योजना है।
मिशन कायाकल्प के तहत स्कूलों का होगा विकास
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार के मिशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं। इसके तहत स्कूलों की चारदीवारी, भवन निर्माण, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2027 के बाद जब बच्चे स्कूल लौटें, तो उन्हें पहले से बेहतर और व्यवस्थित माहौल मिले।
200 शिक्षकों को मिलेगी आधुनिक शिक्षण की ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूल और कॉलेज के 100-100 शिक्षकों का चयन किया जाएगा। कुल 200 शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भेजकर आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे शिक्षक बच्चों को केवल रटाने के बजाय विषयों को समझाकर पढ़ाने पर जोर दे सकेंगे।
शिक्षा बजट में 78 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के बजट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा पर करीब 78 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो राज्य के कुल बजट का लगभग 23 प्रतिशत है। सरकार का जोर स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर भी है।
2030 तक रोजगार पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 तक रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। सरकार की योजना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान देने की है। अब इस घोषणा के बाद शिक्षकों के चयन, प्रशिक्षण और स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।