रांची: राजधानी रांची में शारदीय दुर्गा पूजा 2026 को खास बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जिला स्कूल मैदान में श्रीराम लला पूजा समिति की ओर से वाराणसी के प्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर धाम की तर्ज पर भव्य पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। वहीं, पंडाल के बगल में बच्चों और बड़ों के मनोरंजन के लिए झूलों का विशाल परिसर भी सजाया जा रहा है। ऐसे में इस बार श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के दर्शन के साथ मेले की रौनक और रोमांच का भी अनुभव मिलेगा।
100 फीट ऊंचा पंडाल, 80 कारीगर दे रहे अंतिम रूप
श्रीराम लला पूजा समिति ने इस वर्ष पंडाल के लिए वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम को थीम बनाया है। करीब 100 फीट ऊंचे और 140 फीट चौड़े इस भव्य पंडाल को तैयार करने में पश्चिम बंगाल के लगभग 80 कारीगर जुटे हैं। मंदिर की स्थापत्य शैली को आकर्षक रूप देने के साथ बारीक कारीगरी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पंडाल परिसर में छोटे-छोटे हाथियों और ऋषि-मुनियों की प्रतिमाएं भी बनाई जा रही हैं, जो इसकी सुंदरता और आध्यात्मिक आकर्षण को बढ़ाएंगी। समिति की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को रांची में ही वाराणसी के प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल की भव्यता की झलक देखने को मिले।
14 अक्टूबर को खुलेंगे पंडाल के पट, सजेगा राम दरबार
समिति के अनुसार, 14 अक्टूबर को श्रद्धालुओं के लिए पंडाल के पट खोले जाएंगे। इस दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन के साथ भजन संध्या और राम दरबार भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पंडाल की भव्य सजावट और धार्मिक आयोजनों को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
सुपर ड्रैगन ट्रेन से जायंट व्हील तक, मेले में होगा मनोरंजन का इंतजाम
पूजा पंडाल के ठीक बगल में बच्चों और बड़ों के मनोरंजन के लिए झूलों का मैदान भी तैयार किया जा रहा है। यहां सुपर ड्रैगन ट्रेन, जायंट फ्रिसबी, ब्रेक डांस और जायंट व्हील जैसे झूले लगाए जा रहे हैं। बच्चों के लिए छोटी ट्रेन और ड्रैगनफ्लाई जैसे झूलों की भी व्यवस्था की जा रही है।
झूलों को लगाने और परिसर को व्यवस्थित करने के लिए दूसरे राज्यों से कारोबारी और कर्मचारी पहुंचे हैं। मैदान में झूलों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पूजा के दौरान यह मेला बच्चों और परिवारों के लिए विशेष आकर्षण बन सकता है।
पूजा, आस्था और मनोरंजन का संगम बनेगा जिला स्कूल मैदान
इस बार जिला स्कूल मैदान में भव्य पूजा पंडाल और झूलों का मेला एक साथ श्रद्धालुओं को आकर्षित करने की तैयारी में है। एक ओर स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर तैयार हो रहा पंडाल आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बनेगा, तो दूसरी ओर रोमांचक झूले मेले की रौनक बढ़ाएंगे। दुर्गा पूजा के दौरान यहां धार्मिक उत्साह के साथ मनोरंजन और व्यापारिक गतिविधियों की भी अच्छी हलचल देखने को मिलने की उम्मीद है।