1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य: CM सम्राट चौधरी
पटना,
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बापू सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के उन्मुखीकरण एवं प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के चयनित लाभुकों को सांकेतिक चेक प्रदान किया और प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त के 7 हजार से अधिक लाभुकों के खातों में राशि हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों में स्थापित एमएसएमई केंद्रों का उद्घाटन किया। साथ ही बिहार एमएसएमई नीति 2026, मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना-2026 और सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली-2026 पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया।
1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के 1 करोड़ परिवारों को उद्यमिता और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत एमएसएमई के माध्यम से 45 हजार उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार करीब 3,500 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। योजना में अनुसूचित जाति एवं जनजाति, अतिपिछड़ा वर्ग, महिला, युवा और अल्पसंख्यक उद्यमियों को शामिल किया गया है।
हर जिले में खुले एमएसएमई केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में एमएसएमई केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में निर्मित उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी। Purchase Preference Act के तहत बिहार में बने उत्पादों की 25 से 40 प्रतिशत तक सरकारी खरीद किए जाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उद्योगों में 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। अगले पांच वर्षों में उद्योगों के लिए 20 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें कम से कम दसवां हिस्सा बिहार को मिलने की संभावना है। इससे राज्य के छोटे और मध्यम उद्यमों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा और रोजगार पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग के साथ-साथ शिक्षा, आधारभूत संरचना और ऊर्जा के क्षेत्र में भी व्यापक काम किया जा रहा है। राज्य में 700 स्थानों पर मॉडल स्कूल खोले गए हैं, जहां विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में 211 डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं और अगले वर्ष से इनमें विज्ञान संकाय की पढ़ाई शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार में ही रोजगार और उद्यम के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े।
पर्यटन और कृषि क्षेत्र में भी योजनाएं
सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले दो वर्षों में राज्य के 20 महत्वपूर्ण स्थानों पर रोप-वे निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा। वहीं कृषि क्षेत्र में ऊर्जा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आगामी एक वर्ष में सभी कृषि फीडरों को 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य समाज के हर वर्ग के जीवन में खुशहाली और आर्थिक स्वावलंबन लाना है। उन्होंने सभी से मिलकर बिहार को समृद्ध बनाने में सहभागी बनने का आह्वान किया।
महत्वपूर्ण तथ्य
- 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 45 हजार उद्यमी तैयार किए जा रहे
- 7 हजार से अधिक लाभुकों के खातों में किस्त की राशि ट्रांसफर
- हर जिले में एमएसएमई केंद्र स्थापित
- बिहार एमएसएमई नीति 2026 का लोकार्पण
- बिहार में बने उत्पादों की 25-40% तक सरकारी खरीद का लक्ष्य
- पीपीपी मोड में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य
- अगले 5 वर्षों में उद्योगों के लिए 20 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की योजना