पटना, बिहार के सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ का पानी नए इलाकों में फैलने के मद्देनजर अतिरिक्त एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी सारण भेजी गई हैं।
19 NDRF-SDRF टीमें राहत-बचाव में जुटीं
सारण में अब कुल 19 टीमें राहत और बचाव कार्य में तैनात हैं। इनमें एनडीआरएफ की 12 और एसडीआरएफ की 7 टीमें शामिल हैं। एनडीआरएफ की टीमों में कुल 360 प्रशिक्षित मानवबल तैनात हैं। इनके पास 50 से अधिक नाव, 480 लाइफ जैकेट और 360 लाइफबॉय समेत अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं।
अतिरिक्त संसाधनों के तहत बेतिया से एनडीआरएफ की 3, गोपालगंज से 2, भागलपुर से 2 और सुपौल से 1 टीम सारण भेजी गई है। वहीं मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की 4 टीमें भेजी जा रही हैं।
हेलिकॉप्टर से राशन की एयर ड्रॉप
बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर से अब तक 3,000 से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार शाम तक 5,000 से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जाने हैं।
इसके अलावा विभिन्न जिलों से सारण के लिए 40,000 राशन पैकेट भेजे जा रहे हैं। इनमें पटना से 10,000, सिवान से 15,000, भोजपुर से 5,000, बक्सर से 5,000 और वैशाली से 5,000 राशन पैकेट शामिल हैं।
75 हजार पॉलिथीन शीट भी भेजी जा रही
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए विभिन्न जिलों से 75,000 पॉलिथीन शीट सारण भेजी जा रही हैं। इनमें दरभंगा से 25,000, मधुबनी से 20,000, सीतामढ़ी से 15,000 और समस्तीपुर से 15,000 पॉलिथीन शीट शामिल हैं।
राहत कार्यों की लगातार निगरानी
जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री के वितरण, बचाव अभियान और जरूरी सेवाओं की उपलब्धता पर लगातार नजर रख रहा है। बाढ़ की स्थिति और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती की जा रही है।
आपदा की स्थिति में लोग राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के टोल-फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।