जामताड़ा: झारखंड में MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस ने 26 सितंबर को रांची में लोक भवन के समक्ष प्रदर्शन और धरने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि संशोधन से राज्य के खनिज अधिकारों और राजस्व हितों पर असर पड़ सकता है।
दुलाडीह, जामताड़ा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड की जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा राज्य के लोगों के अधिकार और हित से जुड़ी है।
MMDR कानून पर क्या बोले इरफान अंसारी?
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि खनिज संपदा से जुड़े किसी भी कानून का असर झारखंड के हितों पर पड़ता है, इसलिए राज्य के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।
उन्होंने सामाजिक सौहार्द का मुद्दा उठाते हुए भाजपा की राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। अंसारी ने कहा कि देश में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को संविधान बराबरी का अधिकार देता है और समाज में भाईचारा बनाए रखना जरूरी है।
26 सितंबर को रांची में कांग्रेस का प्रदर्शन
मंत्री ने बताया कि 26 सितंबर को रांची में MMDR संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन होगा। कांग्रेस की ओर से लोक भवन तक मार्च और धरने का कार्यक्रम घोषित किया गया है।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। अंसारी के मुताबिक, यह मुद्दा झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के हितों से जुड़ा है।
केंद्र का पक्ष क्या है?
केंद्र सरकार के अनुसार, MMDR Amendment Act, 2026 का उद्देश्य खनिज क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और निवेश को बढ़ावा देना है। केंद्र ने यह भी कहा है कि संशोधन राज्यों के जमीन और खनिजों पर अधिकार खत्म नहीं करता और खनन से जुड़े कुल करों एवं वैधानिक भुगतानों का बड़ा हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा।
वहीं, झारखंड सरकार ने संशोधन को लेकर आपत्ति जताई है और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
भाईचारे और बुलडोजर कार्रवाई पर भी बोले
सभा में डॉ. इरफान अंसारी ने सामाजिक एकता और भाईचारे पर जोर दिया। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि किसी गरीब के घर को तोड़ने का असर केवल इमारत पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है और कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। सभा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही।