रांचीः केंद्र सरकार के द्वारा 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.40% चार्ज लगाए जाने का झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने विरोध जताया है. चेंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा है कि इससे हवाला कारोबार को बढ़ावा मिलेगा. एफजेसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला व्यवसायियों के हित में नहीं है. यूपीआई को सरल करने के बजाय केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे लाने के लिए यह कदम उठाया है. इस निर्णय से व्यवसायियों को क्षति होगी.
उन्होंने कहा कि यूपीआई के जरिए लोग छोटे-मोटे ट्रांजैक्शन करते थे और खुदरा और नगद पैसा लेकर निकलने की जरूरत नहीं पड़ती थी. इससे सुरक्षा भी सुनिश्चित होती थी और सहूलियत भी मिलती थी. हालांकि 2000 रुपये तक की राशि तक के ट्रांजैक्शन को फ्री किया गया है. इसके बावजूद व्यवसायियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
झारखंड चेंबर केंद्र सरकार को लिखेगा पत्र
झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाए जाने के विरोध में केंद्र सरकार को पत्र लिखने का निर्णय लिया है. चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि हम इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे और पत्र के माध्यम से विरोध जताने का काम करेंगे. गौरतलब हो कि केंद्र सरकार ने 2000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर 0.40% चार्ज के साथ 18% जीएसटी शुल्क व्यवसायियों से वसूलने का निर्णय लिया है. हालांकि, यह चार्ज 300 रुपये से ज्यादा नहीं होगा.
खास बात यह है कि यूपीआई के जरिए अपने परिवार वालों को पैसे भेजने पर शुल्क नहीं लगेगा. नई व्यवस्था के तहत सामान्य श्रेणी में 0.4 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा, जबकि कुछ क्षेत्रों और स्कूल फीस के लिए प्रति लेनदेन पांच रुपये की दर रखी गई है.