शहरी परिवारों के सपनों को मिला पक्के घर का सहारा, 1.25 करोड़ मकान स्वीकृत
नई दिल्ली। सुरक्षित और पक्का घर सिर्फ आश्रय नहीं, बल्कि सम्मान, स्थिरता और बेहतर भविष्य की नींव है। इसी सोच के साथ शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) ने देश के शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किफायती आवास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत अब तक 1.25 करोड़ मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 1 करोड़ से अधिक मकान पूरे कर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
वर्ष 2024 में PMAY-U को नए स्वरूप में PMAY-U 2.0 के रूप में आगे बढ़ाया गया है। इसका लक्ष्य वर्ष 2024 से 2029 के बीच एक करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। पात्र परिवारों को मकान बनाने या खरीदने के लिए प्रति इकाई अधिकतम ₹2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
PMAY-U की खास बातें
- जून 2015 में हुई थी शुरुआत, शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य के साथ।
- योजना का फोकस EWS, LIG, MIG और झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले परिवारों की आवासीय जरूरतों पर है।
- मूल मिशन की अवधि मार्च 2022 तक थी, जिसे स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है।
- PMAY-U 2.0 को 2024 से 2029 तक लागू किया जा रहा है।
- योजना में पात्र परिवारों के लिए मकान बनाने, खरीदने और किफायती किराये के आवास की सुविधा का प्रावधान है।
कौन बन सकता है लाभार्थी?
PMAY-U के तहत पति, पत्नी और अविवाहित बेटे-बेटियों को एक लाभार्थी परिवार माना जाता है। परिवार के किसी सदस्य के नाम भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। वयस्क कमाने वाले व्यक्ति को भी निर्धारित शर्तों के तहत अलग परिवार माना जा सकता है।
आय के आधार पर तीन प्रमुख श्रेणियां
- EWS: सालाना आय ₹3 लाख तक
- LIG: सालाना आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक
- MIG: सालाना आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक
PMAY-U 2.0 के चार प्रमुख घटक
1. लाभार्थी-आधारित निर्माण (BLC)
EWS परिवारों को अपनी जमीन पर अधिकतम 45 वर्ग मीटर कारपेट एरिया का नया पक्का घर बनाने के लिए ₹2.5 लाख तक की सहायता दी जाती है।
2. साझेदारी में किफायती आवास (AHP)
सरकारी और निजी एजेंसियों के माध्यम से EWS परिवारों के लिए 30–45 वर्ग मीटर कारपेट एरिया वाले किफायती मकान बनाए जाते हैं। घर खरीदने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से मिलाकर प्रति यूनिट ₹2.5 लाख तक की सहायता का प्रावधान है।
3. किफायती किराये का आवास (ARH)
मकान खरीदने या बनाने में सक्षम नहीं लोगों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक किराये के आवास का प्रावधान है। इसमें प्रवासी श्रमिक, बेघर व्यक्ति, कामकाजी महिलाएं, निर्माण श्रमिक, शहरी गरीब, रेहड़ी-पटरी वाले और रिक्शा चालक सहित अन्य पात्र निम्न-आय वर्ग शामिल हो सकते हैं।
4. ब्याज सब्सिडी योजना (ISS)
पात्र गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी उपलब्ध है। यह सुविधा 1 सितंबर 2024 या उसके बाद स्वीकृत और वितरित पात्र गृह ऋणों पर लागू होती है। पात्र लाभार्थियों को अधिकतम ₹1.80 लाख तक की ब्याज सब्सिडी दी जा सकती है।
PMAY-U 2.0 में 18.38 लाख मकान स्वीकृत
9 अगस्त 2026 तक PMAY-U 2.0 के तहत लगभग 18.38 लाख मकान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें—
- 14.40 लाख मकान BLC के तहत
- 2.48 लाख मकान AHP के तहत
- 1.36 लाख मकान ISS के तहत
- 13,046 आवासीय इकाइयां ARH के तहत स्वीकृत हुई हैं।
वहीं PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत 1.25 करोड़ मकानों में से 1 करोड़ मकान महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। ये मकान महिला मुखिया के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में हैं।
महिलाओं को मिला स्वामित्व में विशेष स्थान
PMAY-U में मकान का स्वामित्व या सह-स्वामित्व महिला लाभार्थी के नाम पर रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की आवास तक पहुंच को भी प्राथमिकता दी गई है।
तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता
PMAY-U के क्रियान्वयन में डिजिटल डैशबोर्ड, जियो-टैगिंग और एकीकृत निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। PMAY-U 2.0 का एकीकृत वेब पोर्टल आवेदन, स्थिति की निगरानी और योजना से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर जोड़ने का काम करता है।
जियो-टैगिंग के जरिए मकानों की प्रगति को पांच चरणों—ग्राउंडिंग, फाउंडेशन, सुपर स्ट्रक्चर, फिनिशिंग व बाहरी विकास और पूर्णता—में ट्रैक किया जाता है।
आवास के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा
योजना के प्रभाव को लाभार्थियों की जीवन-कथाओं से भी समझा जा सकता है। आंध्र प्रदेश के अड्डांकी की मंडलापु अनंतलक्ष्मी को PMAY-U के तहत सहायता मिलने के बाद परिवार के लिए पक्का मकान मिला। वहीं मेघालय के नोंगपोह की लूसीबोन सिंगकली के परिवार को स्थायी घर मिलने से रखरखाव का खर्च कम हुआ और बची राशि का उपयोग परिवार की अन्य जरूरतों के लिए किया जा सका।
क्या है योजना का व्यापक लक्ष्य?
PMAY-U का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शहरी परिवारों को सुरक्षित आवास, बुनियादी सुविधाएं, सम्मान और बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना है। PMAY-U 2.0 के जरिए इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए शहरी भारत में आवास की जरूरतों को अधिक समावेशी और तकनीक-सक्षम तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
साभार – पीआईबी