रांची: करमा पूजा 2026 को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को करमा पूजा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने और संभावित संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। राज्य में करमा पूजा का प्रमुख आयोजन 22 और 23 सितंबर 2026 को होने की संभावना है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में पुलिस, प्रशासन, बिजली विभाग और एसडीआरएफ को आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा एवं बचाव की तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। इस दौरान सबसे अधिक जोर करम डाल विसर्जन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने पर दिया गया है।
करमा पूजा की पूर्व संध्या से अलर्ट रहने के निर्देश
करमा पूजा के दौरान उपवास, रात्रि पूजा और इसके बाद करम डाल विसर्जन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन को पूजा स्थलों और विसर्जन वाले स्थानों पर पहले से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पुलिस मुख्यालय ने खासतौर पर नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में करम डाल विसर्जन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम करने का निर्देश दिया है। इसके लिए बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस बल और जरूरत के अनुसार बचाव दल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
2021 में करमा पूजा के दौरान हुई थीं कई घटनाएं
पुलिस मुख्यालय के निर्देश में करमा पूजा के दौरान पिछले वर्षों में हुई दुर्घटनाओं और विवादों का भी उल्लेख किया गया है। वर्ष 2021 में चाईबासा में बरका कांटोली अखाड़ा के लोग करम डाल लाने के लिए रोरो नदी के उस पार गए थे। करम डाल लेकर लौटने के दौरान टिंकू कोया पीछे रह गया और नदी के पानी में डूब गया।
इसी वर्ष लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के सेरेगड़ा गांव में करम डाल विसर्जन के दौरान पानी से भरे गड्ढे में डूबने से चार युवतियों की मौत हो गई थी। बताया गया था कि दो युवतियां पानी में डूबने लगी थीं। उन्हें बचाने के प्रयास में अन्य युवतियां भी पानी में उतर गईं, जिसके बाद हादसा हुआ।
बालूमाथ में ही एक अन्य घटना में 20 वर्षीय अजय उरांव की तालाब में डूबने से मौत हुई थी। वहीं बरियातू क्षेत्र में करम डाल विसर्जन के दौरान 10 वर्षीय सूरज विश्वकर्मा और मनिका थाना क्षेत्र में करीब पांच वर्षीय रंजीत भुइयां की नदी में डूबने से मौत का भी उल्लेख पुलिस मुख्यालय के निर्देश में किया गया है।
2022 में करमा जुलूस के दौरान विवाद से बढ़ा था तनाव
पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2022 में लोहरदगा में करमा त्योहार के विसर्जन जुलूस के दौरान हुई घटना को भी सुरक्षा योजना में शामिल किया है। जुलूस में शामिल कुछ युवकों द्वारा आदिवासी लड़कियों की फोटो-वीडियो बनाए जाने को लेकर विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसी तरह बोकारो के चंदनपुर थाना क्षेत्र में भी करमा पूजा के दौरान वीडियो बनाने से मना करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पूजा स्थलों और अखाड़ों पर रहेगी विशेष निगरानी
पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सामुदायिक संवेदनशील स्थानों, पूजा स्थलों और अखाड़ों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। स्थानीय स्तर पर पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर संभावित विवादों और संवेदनशील बिंदुओं की पहचान करने को कहा गया है।
पूजा स्थलों पर महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने तथा भीड़ को नियंत्रित करने की योजना पहले से तैयार करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अफवाह के कारण किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई के लिए व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।
डीजे और भड़काऊ नारों पर पुलिस की नजर
करमा पूजा के दौरान डीजे पर बजने वाले उत्तेजक गीतों और भड़काऊ नारों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। पुलिस अधिकारियों को ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखने और स्थिति बिगड़ने से पहले आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा शराब की बिक्री वाले स्थानों पर निगरानी रखने, आवश्यकता के अनुसार पर्व के दौरान शराबबंदी संबंधी आदेश जारी करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। अवैध शराब, प्रतिबंधित मांस की बिक्री और जुआ-अड्डों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी कड़ी निगरानी
करमा पूजा के दौरान व्हाट्सऐप ग्रुप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। समुदाय, धर्म या जाति की भावनाओं को आहत करने वाली अथवा नफरत फैलाने वाली टिप्पणियों और पोस्ट पर निगरानी रखने को कहा गया है। ऐसे मामलों में संबंधित सोशल मीडिया ग्रुप के एडमिन की जानकारी और मोबाइल नंबर जुटाने तथा जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
जुलूस के रास्तों और बिजली तारों की जांच के निर्देश
करमा पूजा के दौरान निकलने वाले जुलूस के मार्ग का पहले से निरीक्षण करने को कहा गया है। खासतौर पर ऐसे स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है, जहां बिजली के तार कम ऊंचाई पर झूल रहे हैं।
बिजली विभाग को आवश्यकतानुसार तारों की मरम्मत कराने और हाईटेंशन तारों से संभावित हादसों को रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। करम डाल लेकर जुलूस निकलने के दौरान बिजली से जुड़ी किसी भी दुर्घटना की आशंका को खत्म करने के लिए पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलों से मांगी गई आयोजन और संवेदनशील स्थानों की जानकारी
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों से करमा पूजा को लेकर विस्तृत जानकारी भी मांगी है। इसमें आयोजन स्थलों, संभावित भीड़, संवेदनशील स्थानों, जुलूस के मार्ग और पिछले वर्षों में हुई घटनाओं से संबंधित जानकारी शामिल है।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर शांति समिति, पूजा समितियों और क्षेत्र के महत्वपूर्ण लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय का जोर इस बात पर है कि करमा पूजा के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, जलाशयों पर निगरानी, बिजली सुरक्षा और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर किसी तरह की लापरवाही न हो।