पोषण सुरक्षा की दिशा में पहल: आईसीएआर प्लांडु में 125 किसानों को ‘सब्जी पोषण वाटिका’ का प्रशिक्षण
रांची। पोषण सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में आईसीएआर प्लांडु, रांची में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आईसीएआर प्लांडु एवं भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी के संयुक्त प्रयास से जनजातीय उपयोजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का विषय “पोषण सुरक्षा के लिये सब्जी पोषण वाटिका” रहा। कार्यक्रम में नामकुम और कर्रा प्रखंड के 10 गांवों से 125 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 65 महिलाएं और 60 पुरुष शामिल रहे।
किसानों को न्यूट्री-गार्डन के फायदे बताए
कार्यक्रम का उद्घाटन आईसीएआर प्लांडु के प्रधान डॉ. अवनी कुमार सिंह ने किया। उन्होंने केंद्र की स्थापना, उद्देश्यों और अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी देने के साथ किसानों को जल, जमीन और जानवरों के समन्वित महत्व के बारे में बताया। उन्होंने पोषण वाटिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संतुलित मात्रा में सब्जियों के सेवन की सलाह दी।
सब्जियों के सेवन से लेकर बीज उत्पादन तक प्रशिक्षण
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी से पहुंचे वैज्ञानिकों ने किसानों को सब्जियों के महत्व, दैनिक आहार में विभिन्न सब्जियों को शामिल करने के फायदे और घर के आसपास न्यूट्री-गार्डन विकसित करने की जानकारी दी।
प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह ने किसानों को सब्जियों के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी दी और न्यूट्री-गार्डन स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। वहीं डॉ. विकास सिंह ने सब्जियों के बीज उत्पादन, पृथककरण और रोगिंग से जुड़ी तकनीकों के बारे में बताया।
प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सुदर्शन मौर्य ने सब्जियों में कीट एवं रोग प्रबंधन तथा समन्वित किट प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने न्यूट्री-गार्डन में जैविक विधियों से कीट एवं रोग प्रबंधन अपनाने की सलाह दी।
किसानों ने देखा पोषण वाटिका का मॉडल
कार्यक्रम का संचालन कर रहे केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. वी. के. यादव ने किसानों को आईसीएआर प्लांडु स्थित पोषण वाटिका मॉडल का भ्रमण कराया। इस दौरान किसानों को ग्राफ्टेड टमाटर, ग्राफ्टेड बैंगन, परवल, खेक्सा, सतपुतिया और बेमौसमी सेम जैसी सब्जियों की खेती एवं बीज उत्पादन की तकनीक दिखाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक खेती, मल्टी टायर क्रॉपिंग और समेकित कृषि प्रणाली की जानकारी भी किसानों को दी गई।
महिला किसानों की भी रही महत्वपूर्ण भागीदारी
कार्यक्रम में 65 महिला किसानों सहित कुल 125 किसानों की भागीदारी इस बात को रेखांकित करती है कि घरेलू स्तर पर पोषण वाटिका और विविध सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने में महिला किसानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अजीत कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
मुख्य बिंदु
- आईसीएआर प्लांडु और IIVR वाराणसी का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम
- प्रशिक्षण का विषय— “पोषण सुरक्षा के लिये सब्जी पोषण वाटिका”
- नामकुम और कर्रा प्रखंड के 10 गांवों से 125 किसान शामिल
- 65 महिला और 60 पुरुष किसानों ने लिया प्रशिक्षण
- न्यूट्री-गार्डन, बीज उत्पादन और जैविक कीट-रोग प्रबंधन की जानकारी
- प्राकृतिक खेती और मल्टी टायर क्रॉपिंग का प्रदर्शन
- ग्राफ्टेड टमाटर, बैंगन समेत विभिन्न सब्जियों की खेती की तकनीक दिखाई गई