बिहार के 29 जिलों में बनेंगे वज्रगृह और परीक्षा भवन,
पहले चरण में 12 जिलों को मिली मंजूरी
33.07 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी मजबूत परीक्षा व्यवस्था |
प्रश्न-पत्रों के सुरक्षित भंडारण से लेकर कदाचार मुक्त परीक्षा तक पर जोर
पटना, 11 सितंबर 2026। बिहार में परीक्षाओं की व्यवस्था को और सुरक्षित एवं मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा राज्य के 29 जिलों में वज्रगृह/परीक्षा भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए करीब 33.07 करोड़ रुपये की प्राक्कलित राशि का प्रावधान किया गया है।पहले चरण में 12 जिलों में वज्रगृह/परीक्षा भवन के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इन भवनों का निर्माण करीब एक से डेढ़ एकड़ भूमि पर किया जाएगा।क्यों है यह पहल महत्वपूर्ण?बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित मैट्रिक, इंटर और अन्य परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र एवं परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए अलग और मजबूत आधारभूत संरचना विकसित होगी।
नए वज्रगृह/परीक्षा भवनों से—- प्रश्न-पत्रों और परीक्षा सामग्री का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित होगा।
– परीक्षा संचालन की व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
– परीक्षा सामग्री की सुरक्षा एवं प्रबंधन में सुधार आएगा
कदाचार मुक्त परीक्षा आयोजित कराने में मदद मिलेगी।
– परीक्षा के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
पहले चरण में इन 12 जिलों में निर्माण
प्रथम चरण में जिन स्थानों पर वज्रगृह/परीक्षा भवन निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, उनमें—
1. रोहतास – श्री शंकर उच्च माध्यमिक विद्यालय (+2), विद्यालय तकिया, सासाराम
2. लखीसराय – +2 श्री ढ़ेरनाथ महादेव उच्च विद्यालय, शरमा, रामगढ़ चौक
3. बेगूसराय – राजकीय बुनियादी विद्यालय, विष्णुपुर
4. सीतामढ़ी – मध्य विद्यालय, बरियारपुर, डुमरा
5. पूर्वी चंपारण – पीएम श्री जिला स्कूल, मोतिहारी
6. वैशाली – आदर्श उच्च विद्यालय, सराय, भगवानपुर
7. कैमूर – उच्च माध्यमिक विद्यालय, रतवार, भभुआ
8. नालंदा – आरडीएस +2 विद्यालय, राजगीर
9. जमुई – +2 उच्च विद्यालय, जमुई बाजार
10. कटिहार – दर्शन साह महाविद्यालय
11. नवादा – कन्हाई इंटर विद्यालय
12. मधेपुरा – भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय परिसर
29 जिलों में प्रस्तावित है निर्माण
सरकार की योजना राज्य के कुल 29 जिलों में वज्रगृह/परीक्षा भवन विकसित करने की है। पहले चरण में 12 स्थानों को प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।सरकार का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है, ताकि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की परीक्षाओं का संचालन अधिक पारदर्शी तरीके से हो सके।मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू की गई यह पहल बिहार में सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था और कदाचार मुक्त परीक्षा के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।