अमरावती: आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया तेजी से जारी है। चुनाव आयोग के निर्देश पर चल रही इस प्रक्रिया के तहत राज्य में करीब 43.71 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता विवरण में सामने आई गड़बड़ियों और दस्तावेजों से जुड़ी कमियों के आधार पर ये नोटिस भेजे गए हैं।

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, नोटिस पाने वाले मतदाताओं में से करीब 16.23 लाख लोगों का सत्यापन गुरुवार देर शाम तक पूरा हो चुका है। वहीं, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले 8,764 लोगों को अयोग्य घोषित किया गया है।
13.63 लाख नाम फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल
राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया के बाद 13,63,250 लोगों के नाम फाइनल मतदाता सूची में शामिल किए जा चुके हैं। वहीं 2,51,760 मतदाताओं की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों और सबूतों की जांच अभी जारी है।
इसके अलावा करीब 27.47 लाख नोटिस प्राप्त मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे राज्य में यह प्रक्रिया 28 सितंबर तक पूरी की जानी है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नोटिस पाने वाले कितने मतदाता अंतिम मतदाता सूची में बने रहेंगे।
तहसीलदार कार्यालय बुलाए जा रहे मतदाता
SIR की प्रक्रिया के दौरान नोटिस पाने वाले कई मतदाताओं को सत्यापन के लिए तहसीलदार कार्यालय बुलाया जा रहा है। इससे कई लोगों को अपने काम से छुट्टी लेकर घंटों सरकारी कार्यालयों में इंतजार करना पड़ रहा है।
मतदाताओं की शिकायत है कि उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है कि नोटिस के जवाब में कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे। कुछ लोगों का आरोप है कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ओर से पर्याप्त जानकारी और सहयोग नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब सभी की नजरें 28 सितंबर की समयसीमा पर हैं। SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आंध्र प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।