नई दिल्ली/रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब दिल्ली तक पहुंच गया है। रांची में विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को झारखंड BJP के सांसदों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान BJP ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए। हालांकि, राहुल गांधी ने इस मामले में खुद सफाई देते हुए कहा है कि वह झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप नहीं हैं और छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को सही नहीं मानते।
आदित्य साहू का राहुल गांधी पर बड़ा आरोप
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है और इसी वजह से राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने दावा किया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज राहुल गांधी के इशारे पर किया गया। आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों की मांग सिर्फ इतनी है कि जिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, उनकी CBI जांच कराई जाए। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास तक जाने की बात करते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के बीच क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी से छात्रों और झारखंड सरकार से बातचीत करने की मांग की।
DC-SSP पर भी साधा निशाना
आदित्य साहू ने रांची के DC और SSP पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रात में छात्रों के प्रदर्शन स्थल की बिजली काटकर उन्हें डराने का काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आंदोलनरत छात्रों को कुछ हुआ तो BJP कार्यकर्ता जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
राहुल गांधी बोले- ‘मैं चुप नहीं हूं’
वहीं, इस पूरे विवाद के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने BJP के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने कहा कि वह झारखंड के मामले पर चुप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह साफ कर चुके हैं कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को सही नहीं माना जा सकता।