नई दिल्ली: देश के करोड़ों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026 संसद के दोनों सदनों से पास हो गया है। बिल पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना वादा पूरा किया है और पेपर लीक माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

PM मोदी का बड़ा संदेश
राज्यसभा में बिल पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार लगातार परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं, इसलिए इनके खिलाफ कड़े कानून की जरूरत थी।
2 महीने में जांच, 3 महीने में ट्रायल
नए कानून के तहत पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों की दो महीने के भीतर जांच पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था भी की जाएगी।
7.65 करोड़ छात्रों को होगा फायदा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में कहा कि इस कानून से देश के करीब 7 करोड़ 65 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार
लोकसभा और राज्यसभा से बिल पारित होने के बाद अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद यह कानून पूरे देश में लागू हो जाएगा।