नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश कर सकती है, जबकि विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, किसानों, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले रविवार को संसद भवन परिसर में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य संसद की कार्यवाही को सुचारू, सार्थक और व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए सभी दलों के बीच सहमति बनाना था।
सरकार बोली- हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से भी संसद की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और रचनात्मक सहयोग देने की अपील की।
लोकसभा अध्यक्ष की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने और स्वस्थ संसदीय परंपराओं का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सार्थक संवाद और जिम्मेदार भागीदारी बेहद आवश्यक है।
इन मुद्दों पर रहेगी नजर
संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार मानसून सत्र के दौरान कुल 25 दिनों में 19 बैठकें होंगी। इस सत्र में सरकार के विधायी एजेंडे के साथ-साथ विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, किसानों की समस्याओं और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी जोरदार बहस होने की संभावना है।