रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ टाइगर उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार कर लिया है। अजय महतो पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सारंडा-कोल्हान क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख संचालक माना जाता था।

पुलिस के मुताबिक अजय महतो हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीणों की हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला, मुठभेड़, विस्फोटक लूट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, UAPA, आर्म्स एक्ट और CLA एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में वांछित था। संगठन के भीतर वह आईईडी लगाने, हमलों की रणनीति तैयार करने, हथियार और विस्फोटकों की व्यवस्था करने तथा कैडरों के संचालन की जिम्मेदारी संभालता था।
कई बड़े नक्सली हमलों में रही भूमिका
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अजय महतो पिछले कई वर्षों से झारखंड में हुए चर्चित नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। वर्ष 2020 में गोईलकेरा के कुईड़ा चौक पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीण राजकिशोर गोप की हत्या तथा बरकेल स्थित वन विभाग कार्यालय को आईईडी विस्फोट से उड़ाने की घटना में उसकी संलिप्तता सामने आई थी।
वहीं मार्च 2021 में टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी जंगल में आईईडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य घायल हुए थे। इसके अलावा कोबरा बटालियन और CRPF के साथ हुई कई मुठभेड़ों में भी उसकी सक्रिय भूमिका रही है।
नेटवर्क को बड़ा झटका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से सारंडा, कोल्हान और गिरिडीह क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उसके जरिए संगठन के अन्य सदस्यों, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला, आईईडी मॉड्यूल और माओवादी नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में लगी हैं।