रांची: जवाहर विद्या मंदिर (JVM), श्यामली के दयानंद प्रेक्षागृह में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत अंतर-सदनीय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों ने समसामयिक विषयों पर पक्ष और विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत कर अपनी वाक्पटुता और तार्किक क्षमता का परिचय दिया।

जूनियर वर्ग (कक्षा 9-10) में वाद-विवाद का विषय था— “क्या किसी एक क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ईंधन, अनाज और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ना वैश्विक व्यापार प्रणाली की सबसे बड़ी कमजोरी है?” विद्यार्थियों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, आर्थिक निर्भरता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।
इस वर्ग में राजेंद्र सदन के अनमोल सिन्हा (कक्षा 9G) प्रथम, दयानंद सदन के अहान सिन्हा (कक्षा 10B) द्वितीय तथा श्रेयशी रंजन (कक्षा 9G) और अर्पित कुमार (कक्षा 9C) संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। निर्णायक की भूमिका अंजना सिंह और पम्मी मिश्रा ने निभाई।
सब-जूनियर वर्ग (कक्षा 6-8) में विषय था— “क्या 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट पर कानूनी रोक होनी चाहिए?” प्रतिभागियों ने बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल शिक्षा और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे।

इस वर्ग में टैगोर सदन के प्रतीक कुमार (कक्षा 8D) प्रथम रहे। दिव्यांश पांडे (कक्षा 8C) और आदित्य कुमार (कक्षा 7C) ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि राजेंद्र सदन की तविशा शर्मा (कक्षा 6C) तृतीय स्थान पर रहीं। इस वर्ग का मूल्यांकन श्रीमती ज्योति भारद्वाज और श्रीमती श्वेता त्रिपाठी ने किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्राचार्य बी. एन. झा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिताएं केवल जीत-हार का मंच नहीं, बल्कि स्वतंत्र सोच, तार्किक दृष्टिकोण और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वैश्विक घटनाओं पर जागरूक दृष्टिकोण रखने तथा सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया।
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के उत्साह, तार्किक प्रस्तुति और समसामयिक विषयों पर उनकी समझ ने सभी को प्रभावित किया।