रांची: राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस ) कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की घटना में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान हुए खुलासों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलर और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े तार सामने आए हैं।

पुलिस ने इस मामले में सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायन सुजान को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार घटना को अंजाम देने के बाद तीनों राज्य से फरार होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बोकारो और कोडरमा पुलिस के सहयोग से उन्हें दबोच लिया गया।
पेट्रोल बम हमला और वीडियो रिकॉर्डिंग की साजिश
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सैफ अंसारी ने RSS कार्यालय परिसर की ओर दो पेट्रोल बम फेंके थे। इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग उसके साथी अमन अंसारी ने मोबाइल फोन से की और बाद में इसे अपने विदेशी हैंडलर को भेज दिया। पुलिस के अनुसार यह हमला केवल दहशत फैलाने के उद्देश्य से किया गया था।
रांची के बाद कानपुर था अगला निशाना
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि रांची में हमले के बाद आरोपियों का अगला लक्ष्य उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर था। सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
दुबई से जुड़ा आतंकी नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि सैफ और अमन कुछ समय पहले दुबई गए थे। वहीं उनकी मुलाकात पाकिस्तान के शाहबाज राणा उर्फ भट्टी नामक व्यक्ति से हुई। इसके बाद दोनों उसके संपर्क में आए और कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुए। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी नेटवर्क के निर्देश पर हमले की योजना बनाई गई।
भागने की कोशिश में पकड़े गए आरोपी
पुलिस के मुताबिक हमले के बाद आरोपी रांची से फरार हो गए थे। जांच में पता चला कि घटना के समय सैफ और अमन रैपिडो बाइक टैक्सी से RSS कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ सायन सुजान भी मौजूद था, जो बाइक से नहीं उतरा, लेकिन पूरी साजिश में उसकी भूमिका सामने आई है।
ATS करेगी आगे की जांच
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केस को झारखंड ATS को सौंपने की अनुशंसा की गई थी। पुलिस मुख्यालय ने इसे मंजूरी दे दी है और अब पूरे मामले की जांच ATS करेगी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
गिरफ्तार आरोपियों में दो लोहरदगा और एक रांची का रहने वाला है। अब तक राज्य में केवल स्लीपर सेल की गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही थी, लेकिन इस घटना ने सक्रिय आतंकी मॉड्यूल की संभावना को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क और उसके विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच में जुट गई हैं।
बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था
इस खुलासे के बाद राज्यभर में संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां संभावित सहयोगियों तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।