सिमडेगा: अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही आम्रपाली आम की मांग झारखंड के सिमडेगा जिले का आम्रपाली आम अब वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहा है। लंदन में पहली सफल खेप भेजे जाने के बाद मंगलवार को आम्रपाली आम की दूसरी अंतरराष्ट्रीय खेप इटली के लिए रवाना की गई। जिला मुख्यालय स्थित हेरिटेज सेंटर सह म्यूजियम परिसर से उपायुक्त कंचन सिंह ने आम से लदे वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

एक मीट्रिक टन आम इटली के लिए भेजा गया
मनरेगा के तहत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत विकसित आम बागानों से उत्पादित लगभग एक मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम को कोलकाता भेजा गया है। कोलकाता से इन आमों को कार्गो विमान के माध्यम से इटली निर्यात किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि यह पहल जिले के किसानों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
लंदन के बाद इटली तक पहुंचा सिमडेगा का स्वाद
सिमडेगा के आम्रपाली आम की यह दूसरी अंतरराष्ट्रीय खेप है। इससे पहले 4 जून को पहली बार जिले से आम्रपाली आम की खेप लंदन भेजी गई थी। पहली खेप की सफलता के बाद अब इटली में भी सिमडेगा के आमों की मांग बढ़ी है। यह उपलब्धि जिले के किसानों, स्वयं सहायता समूहों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
किसानों को मिल रहा वैश्विक बाजार
जिला प्रशासन, मनरेगा और जेएसएलपीएस के संयुक्त प्रयासों से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इन प्रयासों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है, जहां स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ कृषि आधारित आजीविका को भी नई मजबूती मिल रही है।
महिला जागृति प्रोड्यूसर कंपनी निभा रही अहम भूमिका
आम के निर्यात की पूरी प्रक्रिया का संचालन जेएसएलपीएस के सहयोग से महिला जागृति प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। कंपनी किसानों से आम की खरीद, गुणवत्ता के अनुसार छंटाई, पैकेजिंग और विपणन का कार्य कर रही है।
इस पहल से किसानों को सीधे बड़े खरीदारों और निर्यात एजेंसियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है, जिससे उन्हें अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है।
झारखंड के किसानों के लिए नई उम्मीद
सिमडेगा का आम्रपाली आम अब केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना रहा है। यह सफलता झारखंड के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और कृषि उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।