रांची: झारखंड की राजधानी रांची के आरएसएस कार्यालय पर हमले की कोशिश से सनसनी राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम से हमला करने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार दो अज्ञात युवकों ने सॉस की बोतलों में पेट्रोल भरकर कार्यालय परिसर के अंदर फेंकने का प्रयास किया। हालांकि दोनों बोतलें बाउंड्री वॉल के पास ही गिर गईं, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
CCTV फुटेज में कैद हुई घटना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह घटना 16 और 17 जून की मध्यरात्रि करीब 12:30 बजे की है। CCTV फुटेज में दो युवक कार्यालय के आसपास आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
रांची पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी लगाया गया है।
संजय सेठ और बाबूलाल मरांडी ने लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी बुधवार सुबह RSS कार्यालय पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
‘बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है घटना’ : संजय सेठ
मीडिया से बातचीत करते हुए संजय सेठ ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक से भी बातचीत की है।
संजय सेठ ने कहा कि CCTV फुटेज में स्पष्ट रूप से दो युवक दिखाई दे रहे हैं, जो दो बार कार्यालय परिसर के आसपास आते हैं और घटना को अंजाम देकर चले जाते हैं। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पूरे मामले का खुलासा करने की मांग की। साथ ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए RSS कार्यालय के आसपास स्थायी पुलिस पिकेट स्थापित करने की भी मांग की।
जांच जारी, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में भी चिंता का माहौल है तथा सभी की नजर अब पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।