रांची: अंगदान से कई जिंदगियों को मिल सकती है नई उम्मीद…राजधानी रांची में आयोजित ऑर्गन एंड टिश्यू डोनेशन विषयक कार्यशाला में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने अंगदान को केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का सर्वोच्च उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति का अंगदान कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन, नई उम्मीद और बेहतर भविष्य दे सकता है। समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
केरल की घटना का किया उल्लेख
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केरल की एक मार्मिक घटना का जिक्र किया, जहां एक नन्हीं बच्ची की आकस्मिक मृत्यु के बाद उसके माता-पिता ने अंगदान का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि वह पल बेहद संवेदनशील था और उस दौरान उनकी बच्ची के पिता से फोन पर बातचीत भी हुई थी। इस तरह के फैसले समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
तकनीक ने चिकित्सा क्षेत्र को दी नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक आधारित चिकित्सा व्यवस्था का दौर है। स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीकों का तेजी से उपयोग हो रहा है। आज रोबोटिक सर्जरी, लिवर ट्रांसप्लांट और किडनी प्रत्यारोपण जैसी जटिल चिकित्सीय प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे मरीजों को नया जीवन मिल रहा है।

जागरूकता बढ़ाने की जरूरत
उन्होंने कहा कि अंगदान से जुड़े कानूनी, सामाजिक और नैतिक पहलुओं की सही जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना होगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अंगदान को जनआंदोलन बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अंगदान जैसे महादान को जनआंदोलन का रूप देने की जरूरत है। यदि समाज इस दिशा में आगे बढ़ता है तो हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी और नई उम्मीद लाई जा सकती है।उन्होंने कहा कि यह केवल जीवन बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा भी है।