भागलपुर: बिहार के भागलपुर स्थित ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर वाहनों की आवाजाही शुरू होने जा रही है। लंबे इंतजार के बाद जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि 7 जून तक पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पुल की मरम्मत का काम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। जिस स्थान पर पुल का स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया था, वहां नया स्लैब लगाने का कार्य करीब एक सप्ताह पहले ही पूरा कर लिया गया था। खाली हिस्से को भी पूरी तरह भर दिया गया है।
तीन स्थानों पर तैयार हुआ बेली पुल
डीएम ने बताया कि तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट में जिन अन्य स्थानों पर समस्या चिन्हित की गई थी, वहां भी तेजी से काम किया गया है। अब तक तीन स्थानों पर बेली पुल तैयार कर लिया गया है, जबकि चौथे और अंतिम बेली पुल का निर्माण कार्य जारी है।
प्रशासन लगातार विभागीय अधिकारियों और तकनीकी टीम के संपर्क में है ताकि पुल को सुरक्षित तरीके से जल्द चालू किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
3 मई की रात हुआ था बड़ा हादसा
गौरतलब है कि 3 मई 2026 की आधी रात विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा अचानक टूटकर गंगा नदी में गिर गया था। पिलर संख्या 133 के पास पुल का स्लैब ध्वस्त हो गया था। हालांकि पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के कारण उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जनहानि टल गई।
घटना के बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया था, जिससे भागलपुर सहित सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग के रूप में मुंगेर पुल के इस्तेमाल की सलाह दी थी।
16 जिलों की लाइफलाइन है विक्रमशिला सेतु
करीब 4.7 किलोमीटर लंबा विक्रमशिला सेतु साल 2001 में शुरू किया गया था। यह पुल भागलपुर को सीमांचल और कोसी क्षेत्र के 16 जिलों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। हर दिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस पुल से गुजरते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मरम्मत नहीं होने और गंगा नदी की तेज धारा के कारण पुल की नींव कमजोर हुई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। घटना के बाद एनएच विभाग की कार्यशैली और पुलों के रखरखाव को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे। अब लोगों की निगाहें 7 जून पर टिकी हैं, जब यह अहम पुल एक बार फिर आम लोगों के लिए खोला जाएगा।