विक्रमशिला विश्वविद्यालय पुनर्स्थापना को मिलेगी रफ्तार, रिसर्च सेंटर होंगे स्पेशलाइज्ड
1 जुलाई से बिहार के 211 प्रखंडों में शुरू होगी डिग्री की पढ़ाई, मुख्यमंत्री का निर्देश
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को पटना स्थित ‘संकल्प’ में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार, नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना, शोध संस्थानों के पुनर्गठन और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के 211 डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में 1 जुलाई 2026 से पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में तेजी से काम किया जाए।
प्रमुख बातें
1 जुलाई 2026 से 211 डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में डिग्री शिक्षा शुरू कराने का निर्देश।
नए महाविद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया के लिए जल्द कमेटी गठन और वैकेंसी अटैच करने का आदेश।
भूमि दान देने वाले व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर कॉलेज का नामकरण होगा।
कॉलेज भवन निर्माण में सहयोग करने वालों के नाम पर परिसर के हिस्सों का नाम रखा जाएगा।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन के लिए भारत सरकार को जल्द जमीन हैंडओवर करने का निर्देश।
बिहार के विश्वविद्यालयों को देश के टॉप-10 विश्वविद्यालयों से एमओयू करने का निर्देश।
राज्य के रिसर्च सेंटरों को व्यवस्थित और स्पेशलाइज्ड बनाने पर जोर।
ए.एन. सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान के पुनर्गठन का निर्देश।
ओपन यूनिवर्सिटी मॉडल का अध्ययन कर बिहार में और संस्थान खोलने की तैयारी।
वित्तरहित कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर, छात्र संख्या और अनुदान का मूल्यांकन करने का आदेश।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने मुख्यमंत्री को विभागीय योजनाओं, विश्वविद्यालयों, छात्रवृत्ति, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना और विभिन्न कॉलेजों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऐसे कॉलेज स्थापित किए जाएं जहां छात्रों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि बिहार में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।
रिसर्च और अकादमिक गुणवत्ता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विश्वविद्यालयों के साथ जुड़े सभी रिसर्च सेंटरों को व्यवस्थित और विशेषज्ञता आधारित बनाया जाए ताकि नियमित शोध कार्य हो सके और सरकार की नीतियों का बेहतर अध्ययन एवं विश्लेषण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि शोध संस्थान व्यवस्थित होंगे तो राज्य की नीति निर्माण प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।