पलामू: झारखंड के पलामू में बिजली और पानी की समस्या को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रेडमा स्थित काली मंदिर चौक से उपायुक्त कार्यालय तक मार्च निकाला और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने हाथों में तख्तियां और मटका लेकर विरोध जताया। उपायुक्त कार्यालय पहुंचने पर महिलाओं ने सांकेतिक आक्रोश दिखाते हुए मटका फोड़ प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें अमर कुमार बाउरी, मनोज कुमार सिंह, आलोक चौरसिया, पुष्पा देवी, मनोज कुमार भुइंया और जिला अध्यक्ष अमित तिवारी शामिल थे।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी सुविधाएं देने में विफल रही है और राज्य में हजारों चापाकल खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुरुआती गर्मी में ही बिजली और पानी की किल्लत से जनजीवन प्रभावित हो गया है।

नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली संकट के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए कहा गया कि बिजली नहीं रहने से टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन करना पड़ा, जिसमें एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि जिले में खराब पड़े चापाकल और ठप नल-जल योजना आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। उन्होंने प्रशासन के जरिए सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
वहीं, भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली और पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो पार्टी राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।
निष्कर्ष:
पलामू में बढ़ते बिजली-पानी संकट को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी जल्द कार्रवाई करती है या आंदोलन और तेज होता है।