रांची: राजधानी रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने संवाददाता सम्मेलन कर राज्य के कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रेस वार्ता का मुख्य मुद्दा करीब 10 हजार करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच और उसमें बरती जा रही कथित अनियमितताएं रहीं।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार इस बड़े घोटाले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने ट्रेजरी घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच टीम में शामिल कुछ सदस्य खुद संदेह के दायरे में हैं। उनका आरोप है कि हजारीबाग और बोकारो में पदस्थापित रहते हुए इन अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध रही है।
उन्होंने सरकार के उस आदेश पर भी आपत्ति जताई, जिसमें केवल तीन साल से एक ही जगह पर कार्यरत क्लर्क और कर्मियों के तबादले की बात कही गई है। शाहदेव ने कहा कि इतने बड़े घोटाले में डीडीओ स्तर के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि डीएसपी और एसपी जैसे पदों पर बैठे अधिकारियों को तबादले से छूट दी गई है, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने बताया कि उत्पाद सचिव के नेतृत्व में गठित एसआईटी 8 मई से जांच शुरू करेगी।
शाहदेव ने दावा किया कि घोटाले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उनके अनुसार, दो हजार से अधिक कर्मचारियों के पैन नंबर और कई कर्मचारियों की जॉइनिंग डेट में छेड़छाड़ की गई है। इसके साथ ही उन्होंने बोकारो ट्रेजरी के स्ट्रांग रूम में रखे लगभग 14 किलो सोने की भी जांच कराने की मांग उठाई।
अंत में भाजपा ने दोहराया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केवल सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से ही कराई जानी चाहिए।